If an electrical accident has occurred then what is the procedure to get compensation from the electricity department/ UPPCL in the case of UP state are as follows. its original order copy also attached in an article from you can download.


there was a previous Office order that has provision for compensation given in an effective order, but due to delay in completion of the process for acceptance of compensation. There is a delay in the payment of permissible compensation to the affected person/family. Keeping in view the delay of compensation by the Corporation, it is decided to simplify the procedure for sanctioning compensation. Therefore, due to the process of investigation in case of death of outsiders in a fatal electrical accident and the absence of compensation, the following time limit and the procedure for granting compensation are hereby determined.

1-According to the provisions of the Electricity Act 2003, in case of an electrical accident of outsiders, the Subdivision Officer shall inform the Assistant Director / Deputy Director / Director on 24 hours and within 48 hours on the prescribed form No. 44 (A). Apart from this, the information about the electrical accident will be given to the district administration/police administration and the nearest hospital, and also to the higher officials of the corporation will take cognizance.

2- On receipt of the information of the electrical accident, the Assistant Director / Deputy Director / Director will complete the on-site investigation by the Electrical Safety in 18 days and send the inquiry to the concerned Superintending Engineer and make a copy available to the Executive Engineer and Chief Engineer.

3- In this regard, the Superintending Engineer will be the competent officer to sanction compensation, through which the following procedure will be followed: –

On receipt of the report from the Director of Electrical Safety of Electrical Accident, the application will be compiled by the victim’s family and the evidence/records made available.

  • a. According to the application received, the information of the successor should be pasted in the concerned power distribution division office including the circle office, in which time of 07 days will be given for submission of objection. The successor will be determined keeping in mind the system given in the Hindu Successor Act 1956. Determination of eligibility for compensation Uttar Pradesh Government Order Number-
  • b. B-3-15: / ten-80-15 (1) / 78 – Q. dated January 24, 1980 and Uttar Pradesh Power Corporation Ltd. Office Memorandum 60 2018-Aus / 2012-27-A40 / 80 dated 05.07.2012 According to the definition of family / family given in (copy enclosed). In the event of the death of an outsider in an electrical accident under the said mandate or termination memorandum, no employment or other relief will be allowed under the dependence of the deceased.

4-At the end of the time period, within 7 days, in the case of determining the successor of the aggrieved family based on legal norms based on the Kutumb register provided by the Voter, their Voter ID / PAN Card / Ration Card / Pass Port / Accountant / Village Development Officer. The reason for acceptance of indemnity will be issued by the order written in the order (Recording reason in writing). Send a copy of the approved order to the Regional Chief Engineer. In case of any dispute regarding the successor, advance action should be taken only after obtaining the succession certificate provided by the legally competent officer.

5-Undertaking will have to be given to the recipient of the compensation that if any kind of superannuation is committed, the said amount will be returned to the department and if the facts are found to be wrong, they will also take legal action.

6-The entire process of compensation payment should be completed in 45 days. The Chief Engineer (Distribution) will monitor the cases of compensation due to electrical accidents on a monthly basis and all the information related to the payment Preserve in the Regional Office and send the monthly report to the Managing Director, Discom.

In Hindi same procedure is mentioned below.

उ0प्र0 पावर कारपोरेशन लिमिटेड

दिनांक 21 फरवरी, 2019
कार्यालय ज्ञाप
उ0प्र0 पावर कारपोरेशन लि0 के द्वारा बाहरी व्यक्तियों की विद्युतीय दुर्घटना में मृत्यु की दशा में कारपोरेशन के
कार्यालय ज्ञाप स0-4004-toi0 / 2018–19(125)ए0एस0/2001 दिनांक 06.10.2018 (प्रतिलिपि सलग्ना) में प्रभावी आदेशों में दी गयी क्षतिपूर्ति का प्राविधान है, परन्तु क्षतिपूर्ति के स्वीकृत हेतु प्रक्रिया पूर्ण करने में विलम्ब होने के कारण प्रभावित व्यक्ति/ परिवार को अनुमन्य क्षतिपूर्ति के भुगतान में विलम्ब होता है। कारपोरेशन द्वारा क्षतिपूर्ति के विलम्ब को दृष्टिगत करते हुए क्षतिपूर्ति स्वीकृत की प्रक्रिया के सरलीकरण करने का निर्णय लिया जाता है। अतः बाहरी व्यक्तियों की घातक विद्युतीय दुर्घटना में मृत्यु होने पर जाँच की प्रक्रिया एवं क्षतिपूर्ति सगय से न मिल पाने के कारण निम्नवत् समय सीमा एवं क्षतिपूर्ति रवीकृत की प्रक्रिया एतद्वारा निर्धारित की जाती है —
1. विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानों के अनुसार बाहरी व्यक्तियों की विद्युतीय दुर्घटना होने पर उपखण्ड अधिकारी 24 घण्टे में दूरभाष पर एवं 48 घण्टे के अन्दर विद्युत दुर्घटना की सूचना निर्धारित प्रपत्र सं0-44() पर सहायक निदेशक / उप निदेशक/निदेशक विद्युत सुरक्षा को सूचित करेंगे। इसके अतिरिक्त विद्युत दुर्घटना की सूचना जिला प्रशासन / पुलिस प्रशासन एवं निकटतम् चिकित्सालय को करेगा तथा कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों को भी
संज्ञानित करेगा।
2 विद्युत दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर सहायक निदेशक / उप निदेशक / निदेशक, विद्युत सुरक्षा द्वारा स्थलीय
जाँच 18 दिनों में पूर्ण कर जाँच आरख्या सम्बन्धित अधीक्षण अभियन्ता को प्रषित करेंगे तथा उसकी प्रतिलिपि अधिशासी अभियन्ता एवं मुख्य अभियन्ता को उपलब्ध करायेगे।
3. इस सम्बन्ध में अधीक्षण अभियन्ता क्षतिपूर्ति स्वीकृति करने हेतु सक्षम अधिकारी होग, जिसके द्वारा निम्न प्रक्रिया का पालन किया जायेगा :-
विद्युत दुर्घटना की निदेशक विद्युत सुरक्षा से रिपोर्ट प्राप्त होने पर पीड़ित परिवार के द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र एवं उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों/ अभिलेखों को संकलित करेगा।
प्राप्त आवेदन के अनुसार उत्तराधिकारी की सूचना गण्डल कार्यालय सहित सम्बन्धित विद्युत वितरण खण्ड कार्यालय में चस्पा करे, जिसमें आपत्ति प्रस्तुत करने हेतु 07 दिन का समय दिया जायेगा। उत्तराधिकारी का निर्धारण हिन्दू उत्तराधिकारी अधिनियम 1956 में दी गई व्यवस्था को संज्ञान में रखते हुये किया जायेगा। क्षतिपूर्ति की पात्रता का निर्धारण उत्तर प्रदेश शासन के आदेश संख्या-
बी-3-15:/दस-80-15(1)/78–प्र0को० दिनांक 24 जनवरी, 1980 एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिO के कार्यालय ज्ञाप 60 2018-औस/2012-27-ए40/80 दि0 05.07.2012 (प्रतिलिपि संलग्न) में दी गयी परिवार/कुटुम्ब की परिभाषा के अनुसार किया जायेगा। उक्त शासनादेश अथवा कालिय ज्ञाप के तहत बाहरी व्यक्तियों की विद्युतीय दुर्घटना में मृत्यु की दशा में मृतक आश्रित के अधीन किसी भी प्रकार का सेवायोजन अथवा अन्य अनुतोष अनुमन्य नहीं होंगे।
समयावधि समाप्त होने पर 07 दिन के अन्दर उल्लराधिकारी से उनका वोटर आईडी/पैन कार्ड/ राशन कार्ड/पास पोर्ट/ लेखपाल/ग्राम विकास अधिकारी द्वारा प्रदत्त कुटुम्ब रजिस्टर के आधार पर पीडित परिवार के उत्तराधिकारी का निर्धारण विधिक मापदण्डों के आधार पर करते हुये प्रकरण में क्षतिपूर्ति स्वीकृति का कारण आदेश में लिखित रूप से अंकित (Recording reason in writing) करते हुये आदेश निर्गत करेंगे।
स्वीकृत आदेश की प्रति क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता को प्रेषित करो।
उत्तराधिकारी के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में विधिक रूप से सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदत्त उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त होने के उपरान्त ही अग्रिम कार्यवाही की जाये।
5. क्षतिपूर्ति का भुगतान प्राप्त करने वाले को अन्डरटेकिंग देनी होगी कि यदि किसी भी प्रकार का विवाः स्त्पन्न होगा तो उक्त धनराशि विभाग को वापस करेंगे और अगर तथ्य गलत पाये गये तो विधिक कार्यवाही भी करेंगे।
6. क्षतिपूर्ति भुगतान की सम्पूर्ण प्रक्रिया में 45 दिनों में पूर्ण कर ली जायें। मुख्य अभियन्ता (वितरण), विद्युत दुर्घटनाओं
के फलस्वरूप क्षतिपूर्ति के प्रकरणों का मासिक आधार पर अनुश्रवण करेंगे एवं भुगतान से सम्बन्धित समस्त सूचनायें
क्षेत्रीय कार्यालय में संरक्षित रखेंगे एवं मासिक रिपोर्ट प्रबन्ध निदेशक, डिस्काम को भेजेंगे।

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